MAHARAJGANJ
तत्कालीन S.D.M रामनरेश पाठक को माननीय अपर जनपद न्यायधीश त्वरित न्यायालय प्रथम महराजगंज द्वारा दिनांक 10/11/2017
को अपील अवर न्यायलय सिविल जज प्रवर खंड महराजगंज द्वारा अवमानना वाद में एक माह की सिविल कारावास दण्डादेस की पुस्टि किया और उनके अपील को निरस्त किया।
बताते चले की पूर्व में रामजानकी मन्दिर का विवाद जनपद न्यायलय महाराजगंज में यथा स्तिथि के आदेश के प्रभावी रहते हुए 27 /12/1995 को तत्कालीन SDM रामनेरश पाठक जबरन मंदिर में पहुच कर महंत रामचंदर प्रसाद के शौचालय , नाद खुटाचरन को तोड़वा दिया इतने से ही उनका पेट नही भरा तो महंत के लड़को को स्थानीय पुलिस द्वारा प्रताड़ित करते हुए बंद करवा दिया और माननीय न्यायलय के आदेश को फाड़ कर जला दिया।
महंत ने इससे छुब्द होकर माननीय उच्च न्यायालय शरण लिया , याचिका संख्या 2419/1996 दाखिल किया ,जिसमे माननीय उच्च न्यायालय ने तत्कालीन अधिकारियो व् पक्षकार्यो के खिलाफ अवमांनावाद और 10 दिनके अंदर प्रस्तुत करते हुए , जनपद न्या को 2 माह के अंदर निस्तारित करने एवम् अधिकाररियो को मौके पर जाकर न्यायधीश का पालन शुनश्चित का आदेश एवम् यथास्तिति बनाये रखने आदेश पारित किया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन ने दिनाक 3/2/11 को रामनरेश पाठक को एक माह के सिविल कारावास से दण्डित किया गया था।
तहसीलदार रामनरेश पाठक द्वारा जनपद न्यान्यधीश महाराजगंज के वहा अपील संख्या 4/2011 दाखिल की गयी जिसे दिनांक 10/11/2017 को माननीय अपर जिला न्यान्यधीश त्वरित न्यायलय प्रथम महाराजगंज द्वारा रामनेश द्वारा प्रस्तुत अपील ख़ारिज कर दी गयी और सिविल जज प्रवर खंड, न्यायधीश महाराजगंज द्वारा पारित आदेश दिनांक 3/2/2011 की पुस्टि की गयी , तथा कार्यवाही हेतु सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय को भेजने के लिए आदेशित किया गया।

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